नगर सुधार सभा पंचकूला के चेयरमैन तरसेम गर्ग ने शहर में मक्खी मच्छरों के लिए लोगों को सेक्टर व कॉलोनियों में गंदगी न फैलाने का आग्रह किया और कहा कि आप अपने मोहल्ले या घर के सामने कूड़ा-करकट या गंदगी न डालें। प्रशासन की तरफ से बनाए गए ड िपंग ग्राउंड या बिन में ही कूड़ा डालें, अक्सर देखने में आता है कि लोग कूड़ा-करकट बिन्स में न डालकर उसके आसपास ही फेंक देते हैं जिससे वह गंदगी सड़क पर फैल जाती है और खुद ही को नुकसान भुगतना पड़ता है। गर्मी के मौसम को देखते हुए आप अपने गमले व छतों पर रखे टूटे बर्तन और टायरों में पानी इकट्ठा न होने दें और कूलर के पानी को नियमित रूप से बदलते रहें जिससे बच्चे व बड़े डेंगू जैसी खतरनाक बीमारी की चपेट में न आएं। प्रशासन ने अभी तक मच्छरों से निजात दिलाने के लिए शहर में कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं। गर्ग ने बताया कि शहर में अभी से पार्कों, गलियों और घरों में मच्छरों की भरमार हो गई है इसलिए प्रशासन को जल्द से जल्द फोगिंग शुरू करा देनी चाहिए, न कि बीमारी के फैलने की प्रतीक्षा करे, लेकिन देखने में आता है कि प्रशासन इस ओर तब सक्रिय होता है जब बीमारी लोगों को चपेट में ले लेती है। साथ लगते यूटी चंडीगढ़ में जबकि प्रशासन ने बीमारियों की रोकथाम के लिए कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव और फोगिंग शुरू करा दी है, लेकिन अपने पंचकूला शहर में प्रशासन अभी तक मौन है।
नगर सुधार सभा पंचकूला के चेयरमैन तरसेम गर्ग ने शहर में आटोरिक्शा का किराया बढ़ाने के लिए सरकारी अधिकारियों की कमेटी का गठन किया गया है जो कि निर्णय लेगी कि शहर में किस जगह का कितना और मुनासिब किराया वसूला जाए। गर्ग ने कहा कि प्रशासन की ओर से गठित कमेटी में रोड से टी ऑर्गेनाइज़्ोशन का कोई भी सदस्य शामिल नहीं किया गया जबकि कम से कम तीन व्यक्ति रोड से टी ऑर्गेनाइज़्ोशन के शामिल किए जाएं ताकि वे भी जनता की ओर से अपने सुझाव दे सकें। अक्सर देखने में आया है कि रात्रि के समय ऑटोरिक्शा चालक अपनी मनमाना किराया वसूलते और दुव्र्यवहार करते हैं। ज्यादातर लोग रेलवे स्टेशन और जीरकपुर से पंचकूला का सफर करते हैं जहां पर सवारियों से तीन गुना किराया ऑटोरिक्शा चालक वसूलते हैं जिस पर प्रशासन की कोई लगाम नहीं है। इस कमेटी में जब तक कोई रोड से टी का कोई सदस्य शामिल नहीं किया जाएगा तब तक इस समस्या से पूरी तरह नहीं निपटा जा सकता।
गर्ग ने बताया कि गर्मी के मौसम में पानी की किल्लत को देखते हुए पालिका प्रशासन ने इस समस्या से निपटने के लिए कोई ठोस कदम अभी तक नहीं उठाए हैं। अक्सर देखने में यह भी आता है कि लोग बेवजह पानी की बर्बादी करते हैं, लोगों से भी अनुरोध है कि वे आवश्यकता अनुसार ही पानी को उपयोग में लाएं 'जल ही जीवन हैÓ की बात को ध्यान में रखते हुए बेवजह पानी की बर्बादी न करें, जल की एक-एक बूंद कीमती है। पालिका प्रशासन सर्वे करवाकर पाइपों की लीकेज की समस्या को जल्द से जल्द दूर कराए जिससे पानी की बर्बादी रोकी जा सके। शहर में ऐसी कई जगह हैं जहां पाइपों की लीकेज के कारण बेवजह पानी बर्बाद हो रहा है।
नगर सुधार सभा चेयरमैन ने कहा कि शहर में आगामी गर्मी के मौसम में बिजली की किल्लत फिर बढ़ेगी और लोगों को परेशानी झेलनी पड़ेगी। गर्ग ने बताया कि पिछले पांच सालों से प्रशासन को अवगत कराया जाता रहा है कि प्रशासन की तरफ से अब से बीस साल पहले जो ट्रांसफार्मर लगाए गए थे, आज बिजली की बढ़ती हुई खपत को देखते हुए इन पर लोड अत्यधिक बढ़ गया है जिसे झेल पाने में ये ट्रांसफार्मर सक्षम नहीं है। प्रशासन को सेक्टरों में नए ट्रांसफार्मर जल्दी से जल्दी लगवाने चाहिएं ताकि लोगों को गर्मी के मौसम में परेशानियों का सामना न करना पड़े। साथ ही लटकती और पेड़ों के बीच से गुजर रही तारों को जल्द ही ठीक करवाया जाए।



